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Showing posts from 2023

G20 वैश्विक व्यापार का गतिमान समूह

  G20 Summit 2023: जी-20 सम्मेलन आज शनिवार 09 सितंबर से शुरू हो चुका है और रविवार 10 सितंबर तक चलेगा. दुनियाभर के तमाम देशों के राष्ट्र प्रमुख और प्रतिनिधि इस सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत आ चुके हैं. भारत पहली बार इस सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है. इसको लेकर काफी तैयारी की गई है. यह प्रोग्राम दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित किया गया है.   G20 Summit 2023: दिल्ली को दुल्हन की तरह सजाया गया जी-20 सम्मेलन  को लेकर पूरे दिल्ली को दुल्हन की तरह सजाया गया है. प्रगति मैदान कार्यक्रम स्थल भारत मंडपम (Bharat Mandapam Pragati Maidan) को भव्य तरीके से सजाया गया है.  आपको बता दें कि पीएम मोदी तमाम देशों के साथ 15 द्विपक्षीय बैठक करेंगे. G20 Summit 2023: अगले साल ये देश करेगा मेजबानी जी-20 सम्‍मेलन का आयोजन अगली बार ब्राजील करेगा. यह प्रोग्राम रियो डी जनेरियो में होगा. G20 Summit 2023: G-20 ट्रोइका पहले पहले जान लें कि G-20 को कोई हेड ऑफिस नहीं  है. इसकी प्रेसीडेंसी हर साल बदलते रहती है, जैसे 2023 में इसकी प्रेसीडेंसी इंडिया के पास है. अब बार करते हैं G-20 ट्रोइक...

युवा , मोमोज और लाल चटनी

 मोमोज आपकी जिंदगी बर्बाद कर देगा!! आजकल गली मोहल्लो नुक्कड़ मार्केट पर सिल्वर के स्ट्रीमर में उबलते हुए मोमोज तीखी लाल मिर्च की चटनी के साथ खाते हुए युवा किशोर आपको भारी संख्या में दिख जाऐंगे। अक्सर शाम के समय मासूम युवा किशोर नहीं जानते वह मोमोज खा कर अपने स्वास्थ्य चरित्र को किस हद तक बर्बाद कर रहे हैं। Momoz मैदा के बने हुए होते हैं मैदा गेहूं का एक उत्पाद है जिसमें से प्रोटीन व फाइबर निकाल लिया जाता है मृत  starch ही शेष रहता है। उसे और अधिक चमकाने के लिए बेंजोयल पराक्साइड मिला दिया जाता है जो एक रासायनिक बिलीचर है। जी हां वही ब्लीचर्स जिससे चेहरे की सफाई की जाती है।यह ब्लीचर शरीर में जाकर किडनी को नुकसान पहुंचाता है। मैदे के प्रोटीन रहित होने से इसकी प्रकृति एसिडिक हो जाती है यह शरीर में जाकर हड्डियों के कैल्शियम को सोख लेता है तीखी लाल मिर्च की चटनी उत्तेजक होती है, जिससे यौन रोग धातु रोग नपुंसकता जैसी महा भयंकर बीमारियां देश के किशोर व युवा को खोखला कर रही है। इस में ऐसे कैमीकलों को मिलाया जाता है जो बच्चों के दिमाग में चले जाते हैं। जिससे बच्चों का मन बार बार खाने को ...

चाय है या जहर

 चाय नहीं यह जहर है!  अपने बहुत से लोगों को देखा होगा जो प्लास्टिक की पन्नी में गर्म चाय को डालकर उसको अपने ऑफिस या दूर ले जाकर प्लास्टिक के कप में डालकर पीते हैं निश्चित तौर पर वह चाय नहीं बल्कि जहर पीते हैं , प्लास्टिक की कंपनी का माइक्रो प्लास्टिक और प्लास्टिक के जहरीले तत्व उस चाय में मिलते हैं चाय पीते ही वह हमारे पेट में जाते हैं , और पेट से हमारे रक्त में मिलकर शरीर में जगह जगह कैंसर पैदा करते हैं,  रसोई घर में जो प्लास्टिक के बर्तनों का प्रचलन चला है,  वह निहायत ही मूर्खतापूर्ण व अवैज्ञानिक है, घर में प्लास्टिक के बर्तन में यदि आप खाना छूटे भी हैं, माइक्रोवेव में गर्म करना माइक्रोवेव फ्रेंडली के नाम से जो प्लास्टिक के बर्तन प्रयोग करते हैं,  उसमें खाना गरम करते ही वह खाना जहरीला हो जाता है,  अभी एक रिसर्च आई है जो यह कहती है कि ठंडे पानी की बोतल यदि प्लास्टिक की है , तो भी प्लास्टिक के माइक्रो प्लास्टिक करण उस पानी में मिल जाते हैं  और वही माइक्रोप्लास्टिक के टुकड़े, हमारे शरीर में जाकर हमारे शरीर को जहरीला बना कर हमारी नस नाड़ियों में,  ह...